
बानसूर के ग्राम नवलपुरा निवासी रा. उ. मा.वि. आलमपुर में कार्यरत हिंदी व्याख्याता संजय राज को प्राइड ऑफ़ इंडियन लिटरेचर मुंबई द्वारा ‘काव्य की गूंज’ साझा काव्य संकलन में संकलित कविता “जाति का अल्फाज” (जातिगत भेदभाव) व “अनसुनी चीख” (महिला उत्पीड़न से संबंधित) कविता के लिए ‘इंकलाब शब्द शिल्पी’ सम्मान 2025 से सम्मानित किया गया ।

व्याख्याता संजय राज को इससे पूर्व भीष्म साहनी पुरस्कार 2025 व वैदिक प्रकाशन उत्तराखंड से साहित्य रत्न 2024 व साहित्य रक्षक सम्मान 2025 से सम्मानित किया जा चुका है।
कवि संजय राज को इस उपलब्धि के लिए विभिन्न शिक्षक संगठनों, विद्यालय परिवार व ग्रामवासियों की ओर से सम्मानित किया गया ।